यह कौमुदी की चौथी एकल पुस्तक, और प्रथम कहानी-संग्रह है। इस किताब में निहित हैं- स्त्री-विमर्श की कहानियाँ। इन कहानियों में स्त्रियों पर हो रहे अत्याचारों पर लेखिका की लेखनी मुखर है। और इन्हीं में एक झलक मिलती है-नारी शक्ति के हौसले और हिम्मत की। कुछ कहानियाँ अपने अंत से झकझोरती हैं। और कुछ कहानियाँ अपने अंत में में समेटे हुए हैं-उम्मीद की एक आस, एक समाधान।





Be the first to review “Mamta | ममता (धारावाहिक एवं लघु कहानियाँ)”