माता-पिता की बच्चों से ज्यादा अपेक्षाएं करना उनकी स्वतंत्रता और वास्तविक व्यक्तित्व को छीन लेता है। बच्चों की तुलना करना और कम आंकना बच्चों को मानसिक रूप से हिला देता है, जिससे वे खुद को खत्म करने जैसे विचारों से ग्रस्त हो जाते हैं। इसी समस्या को लेकर लिखी गई एक सामाजिक कहानी।





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