दुनिया एक रंगमंच है, जिसमें हम सब अपना किरदार निभा रहे हैं। वस्तुतः हर व्यक्ति का जीवन एक उपन्यास जैसा होता है, जिसमें छिपी होती हैं अनेकों कहानियाँ। इन्हीं कहानियों में से निकलती हैं ,अनगिनत कथाएँ। ये कथाएँ हमें हँसाती हैं, रुलाती हैं, गुदगुदाती हैं और कम शब्दों में भी बड़ी सीख दे जाती हैं। ये कथाएँ समाज का आइना होती हैं जो हमारा मनोरंजन करने के साथ- साथ हमें सोचने के लिए भी मजबूर करती हैं। ये जीवन को दिशा देने का काम भी करती हैं। ये अपने आप में एक अनोखा संसार होती हैं।
अपने आसपास ऐसी ही देखी – सुनी घटनाओं को कल्पना से सजाकर कथाओं के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ। इसमें ऐसी कहानियाँ हैं जिन्हें पाठक पढ़ते समय अपने आसपास ही पाएँगे। स्कूल के दिनों की याद दिला जाएगा ‘कन्हैया चूरन वाला’। ‘मुद्दे की बात’ दहेज प्रथा पर तंज है। कभी-कभी जीवन में कुछ ऐसा घटित हो जाता है कि जीने की इच्छा समाप्त हो जाती है ऐसे में ईश्वर कुछ ऐसा दे देता है जिसके सहारे जीवन के सपने फिर सजने लगते हैं, यही संदेश देगी ‘रोशनी की किरण’।
प्रेम कभी नहीं मरता, इसमें स्वार्थ नहीं होता है। इसकी अमरता ही है चिर प्रतीक्षा।
साधना सचान





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