ज़िंदगी इतनी आसान तो नहीं होती। जहाँ सुख वहाँ दुख भी होता है और जहाँ गम वहाँ खुशियाँ भी शामिल होती है। ऐसी हमारी प्यार, मत्सर, द्वेष, अहंकार, एहसास इन सबसे बहरी हुई आयुगाथा हमने हमारे “गुलदस्ता” में वर्णन की है।
मोहोब्बत से लेके आशियाने तक, ऐतबार से लेके आरजू तक, किनारे से लेके आशा निराशा तक का संगम आप सभी को इसमें देखने मिलेगा। आप सभी अपनी कहानियों को हमारे स्वरचनाओं से जोड़ पाओगे और इन सारी कविताओं को महसूस कर पाओगे यही सदिच्छा व्यक्त करते हैं।
हैं।





Be the first to review “Guldasta”