“कोटा राज्य का इतिहास” ग्रन्थ मूलतः 1939 में हिंदी में डॉ. मथुरा लाल शर्मा द्वारा लिखा गया था , जो अपने समय के अग्रणी इतिहासकारों में से एक थे। इसे दो खंडों में परिकल्पित किया गया था, जिनमें दूसरा खंड विशेष रूप से उस प्रारम्भिक औपनिवेशिक काल को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है जिसने कोटा राज्य की प्रमुख भौगोलिक सीमाओं को निर्धारित किया तथा तीव्र राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तन का साक्षी बना।
इस महत्वपूर्ण ग्रंथ में डॉ. शर्मा ने कोटा राज्य के सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक विकास का अत्यंत विस्तृत तथा समग्र वर्णन प्रस्तुत किया है। गहन शोध और प्रभावशाली शैली के माध्यम से उन्होंने कोटा के शासकों के जीवन, उनकी बदलती राजनीतिक संधियों तथा उन निर्णायक घटनाओं का पुनर्निर्माण किया है जिन्होंने क्षेत्र की पहचान को आकार दिया। विश्व स्तर पर शक्ति-संरचनाओं और राजनीतिक विचारधाराओं में तीव्र परिवर्तन के उस युग में कोटा राज्य भी अलग-थलग नहीं रहा; वह विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण धाराओं से प्रभावित हुआ और उनसे सक्रिय रूप से जुड़ा रहा।
दुर्लभ प्रसंगों और रोचक कथाओं से समृद्ध कोटा राज्य का इतिहास न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि अत्यंत आकर्षक भी है, यह शोधकर्ताओं के लिए अमूल्य स्रोत तथा इतिहास-प्रेमियों के लिए एक अत्यंत आनंददायक कृति है।


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